स्कूलों में शिक्षकों की कमी: 3500 विज्ञान शिक्षक पद खाली, भर्ती की कोई योजना नहीं

मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने माध्यमिक स्कूलों में 7,929 शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा का ऐलान किया है। लेकिन इस प्रक्रिया के बाद भी स्कूलों में 42,000 से ज्यादा पद खाली रहेंगे। सबसे ज्यादा कमी विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों के शिक्षकों की है।

विज्ञान शिक्षकों के 3500 पद खाली, पर भर्ती की योजना नहीं
स्कूलों में विज्ञान विषय के 3,500 पद खाली हैं, लेकिन इनकी भर्ती के लिए अभी कोई योजना नहीं बनाई गई है। इसके साथ ही प्राथमिक शिक्षकों के 8,000 और माध्यमिक शिक्षकों के 50,000 पद भी खाली हैं। इसका असर सीधे विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम पर पड़ रहा है।

पिछले साल 5वीं और 8वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषयों में सबसे ज्यादा विद्यार्थी फेल हुए थे।

अंग्रेजी शिक्षकों की भारी कमी
स्कूलों में अंग्रेजी विषय के 23,300 पद खाली हैं, लेकिन भर्ती परीक्षा केवल 1,970 पदों के लिए हो रही है। गणित में भी ऐसी ही स्थिति है, जहां 12,900 पद खाली हैं, लेकिन सिर्फ 1,470 पदों पर भर्ती की जाएगी।

विषयवार खाली पदों की स्थिति

  • हिंदी: 8,000 स्वीकृत पद, 3,000 भरे, 5,000 खाली।
  • विज्ञान: 9,000 स्वीकृत पद, 3,500 खाली।
  • अंग्रेजी: 23,300 स्वीकृत पद, 1,970 भरे, 21,330 खाली।
  • गणित: 12,900 स्वीकृत पद, 1,470 भरे, 11,430 खाली।
  • सामाजिक विज्ञान: 28,000 स्वीकृत पद।

आंकड़ों में समझें स्थिति

  • प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या: 70 लाख।
  • प्राथमिक शिक्षकों की संख्या: 1.40 लाख।
  • प्राथमिक शिक्षकों के खाली पद: 20,000।
  • माध्यमिक शिक्षकों की संख्या: 61,000।
  • माध्यमिक शिक्षकों के खाली पद: 50,000।

स्कूल शिक्षा विभाग का बयान
“हम प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी रखे हुए हैं। भविष्य में और भर्तियां की जाएंगी।”