मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के सीतापुर गांव से सामने आया एक मामला इन दिनों इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पश्चिम बंगाल की रहने वाली एक महिला ने गांव के एक युवक और उसके परिवार पर ऐसे आरोप लगाए हैं, जिन्हें सुनकर हर कोई हैरान है। महिला का दावा है कि जिस व्यक्ति के साथ उसने आठ साल तक जीवन बिताया, उसी ने एक दिन उसे धोखा देकर उसकी दुनिया उजाड़ दी।
महिला सबिता देवी साकेत का कहना है कि वह हैदराबाद की एक निजी कंपनी में काम करती थीं। वहीं उनकी मुलाकात सीतापुर निवासी ताज अली अंसारी से हुई। बातचीत बढ़ी, नजदीकियां बनीं और दोनों ने मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। सबिता के अनुसार, इसके बाद दोनों कई वर्षों तक साथ रहे और एक सामान्य पति-पत्नी की तरह जीवन बिताते रहे।
लेकिन कहानी ने उस समय अचानक मोड़ ले लिया जब कुछ महीने पहले ताज अली की मां हैदराबाद पहुंचीं। महिला का आरोप है कि इसके बाद मां-बेटे ने मिलकर ऐसी योजना बनाई जिसका अंदाजा उसे नहीं था। एक दिन जब वह रोज की तरह काम पर गई, तो लौटने पर घर का नजारा बदल चुका था।
सबिता का कहना है कि घर में रखे नकद रुपये, सोने-चांदी के जेवर और अन्य कीमती सामान गायब थे। वहीं ताज अली और उसकी मां भी कहीं नजर नहीं आए। कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन बंद मिला। धीरे-धीरे उसे पता चला कि दोनों हैदराबाद छोड़कर सीधे अपने गांव सीतापुर पहुंच चुके हैं।
अपने रिश्ते को बचाने और जवाब तलाशने की उम्मीद में सबिता खुद मऊगंज के सीतापुर गांव पहुंची। वहां उसने ग्रामीणों के सामने अपने विवाह से जुड़े फोटो और वीडियो दिखाए। शुरुआत में विरोध और इनकार की बातें सामने आईं, लेकिन जब वीडियो और तस्वीरें लोगों ने देखीं तो गांव में चर्चा तेज हो गई।
महिला का आरोप है कि इसके बाद उसके साथ व्यवहार और भी कठोर हो गया। उसने दावा किया कि उसे धमकियां दी गईं, डराया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इतना ही नहीं, उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके कुछ जरूरी दस्तावेज, पहचान पत्र और विवाह से जुड़े सबूत नष्ट कर दिए गए।
सबिता के मुताबिक हालात इतने खराब हो गए कि उसे अपनी जान बचाने के लिए रात अंधेरे में वहां से निकलना पड़ा। उसने खेतों में छिपकर रात बिताई और अगले दिन किसी तरह मऊगंज पहुंचकर मदद की गुहार लगाई।
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब गांव की इस्लामिया कमेटी ने इस विषय पर बैठक बुलाई। स्थानीय स्तर पर हुई इस बैठक में दोनों पक्षों की बात सुनी गई। बैठक के दस्तावेजों को लेकर भी इलाके में लगातार चर्चा बनी हुई है। बताया जा रहा है कि इस दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पूरे मामले को और अधिक चर्चित बना दिया।
महिला का आरोप है कि न्याय की उम्मीद लेकर जब वह स्थानीय पुलिस के पास पहुंची तो उसे अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। अब उसने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।
फिलहाल यह मामला जांच और कानूनी प्रक्रिया के दायरे में है। आरोप गंभीर हैं और सभी पक्षों की बात सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। लेकिन एक बात तय है कि कोलकाता से हैदराबाद और फिर मऊगंज तक फैली इस कहानी ने लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब अब जांच एजेंसियों को तलाशने हैं।





